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ईवीएम के खिलाफ विरोध तेज, चुनाव आयोग के पास पहुंचे 16 विपक्षी दल

ईवीएम के खिलाफ विरोध तेज, चुनाव आयोग के पास पहुंचे 16 विपक्षी दल

नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के खिलाफ देशभर में विरोध तेज होता जा रहा है। विपक्षी पार्टियों ने भी इस मुद्दे पर खुलकर मोर्चा लगाने की तैयारी कर ली है। देश के 16 बड़े विपक्षी दलों ने हाल के चुनावों में मतदान के लिए इस्तेमाल हुईं ईवीएम के साथ छेड़छाड़ होने की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए उसमें अविश्वास जताया है।

बड़े विपक्षी दलों ने इस मामले में एकजुटता दिखाते हुए चुनाव आयोग से मांग की है कि आगामी चुनावों में मतदान के लिए ईवीएम के बजाय कागज के मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाए। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ईवीएम को फुलप्रूफ बनाने के लिए वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) सुनिश्चित कराने के लिए चुनाव आयोग को जरूरत का फंड मुहैया कराने में दिलचस्पी नहीं ले रही है।

ईवीएम के मसले पर एकजुटता वाला स्टैंड कायम करने के लिए जुटे इन विपक्षी दलों ने एकजुट होकर चुनाव आयोग से संपर्क किया। चुनाव आयोग के उच्च अधिकारियों ने ईवीएम के इस्तेमाल के खिलाफ बड़े विपक्षी दलों की इस एकजुटता को देखते हुए उनको भरोसा दिलाया है कि इस मामले में अंतिम फैसला करने के लिए जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की एकजुटता को बीजेपी और मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की एकता को विस्तार देने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

विपक्षी दलों की तरफ से चुनाव आयोग को दिए गए ज्ञापन के मुताबिक, यह अहम बात है कि चुनाव कराने के तौर तरीकों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच एकराय है लेकिन वे फिलहाल चुनाव के लिए ईवीएम का इस्तेमाल करने के खिलाफ हैं। वे चाहते हैं कि मतदान के लिए कागज के मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाए। इसलिए आपसे अनुरोध है कि जब तक ईवीएम के साथ छेड़छाड़ होने और उसमें गड़बड़ी की समस्या का समाधान नहीं हो जाता और जब तक राजनीतिक दलों की संतुष्टि के लिहाज से यह तकनीकी तौर पक्का नहीं हो जाता कि ईवीएम बिना किसी दिक्कत के काम करेंगे और इसकी पुष्टि वैश्विक स्तर पर नहीं हो जाती, तब तक मतदान पुराने मतपत्र वाली व्यवस्था के हिसाब से ही हो। मतपत्रों के जरिए मतदान की व्यवस्था को दुनियाभर में मान्यता मिली हुई है। सेक्शन 61ए के तहत चुनाव आयोग के विवेक का इस्तेमाल तभी किया जाए जब सभी राजनीतिक दलों की संतुष्टि के साथ उन दिक्कतों का दूर कर लिया जाए।

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